रुद्राक्ष धारण करने के नियम – सम्पूर्ण जानकारी हिंदी में (2025)
इस आर्टीकल्इ में हम जानेंगे की रुद्राक्ष धारण करने के नियम, रुद्राक्ष पहनने का तरीका, कौन सा रुद्राक्ष किसे पहनना चाहिए, रुद्राक्ष पहनने के फायदे, रुद्राक्ष कब पहनना चाहिए, रुद्राक्ष की पूजा कैसे करें
परिचय: रुद्राक्ष क्या है और इसका महत्व
रुद्राक्ष एक पवित्र बीज होता है जो एक विशेष वृक्ष "Elaeocarpus ganitrus" से प्राप्त होता है। संस्कृत में ‘रुद्र’ का अर्थ है शिव और ‘अक्ष’ का अर्थ है आँसू। धार्मिक मान्यता के अनुसार, रुद्राक्ष भगवान शिव के आँसुओं से उत्पन्न हुआ था।
यह बीज आध्यात्मिक ऊर्जा का वाहक माना जाता है और इसकी माला धारण करने से नकारात्मक शक्तियों से बचाव होता है, मानसिक शांति मिलती है और आत्मिक उन्नति होती है।
रुद्राक्ष के प्रकार (मुख के आधार पर)
| मुख की संख्या | नाम | विशेषता | लाभ |
|---|---|---|---|
| 1 मुखी | एकमुखी रुद्राक्ष | भगवान शिव का स्वरूप | मोक्ष, उच्च चेतना |
| 2 मुखी | द्विमुखी | शिव-पार्वती | पारिवारिक सौहार्द |
| 3 मुखी | त्रिमुखी | अग्निदेव | दोष नाश, आत्मविश्वास |
| 5 मुखी | पंचमुखी | कालाग्नि रुद्र | विद्यार्थियों और आमजन के लिए सर्वश्रेष्ठ |
| 7 मुखी | सप्तमुखी | लक्ष्मी स्वरूप | धन वृद्धि |
| 9 मुखी | नवमुखी | दुर्गा स्वरूप | साहस और नारीशक्ति |
| 11 मुखी | एकादश रुद्र | शिव का रूप | ध्यान और तंत्र-साधना |
| 14 मुखी | चतुर्दशमुखी | शिव की तीसरी आंख | अंतर्ज्ञान, निर्णय शक्ति |
रुद्राक्ष पहनने के नियम (Rudraksha Dharan Karne Ke Niyam)
1. शुद्धता अनिवार्य है
रुद्राक्ष पहनने से पहले व्यक्ति को शारीरिक और मानसिक रूप से शुद्ध रहना चाहिए। अशुद्धता में रुद्राक्ष धारण करना वर्जित माना गया है।
2. सावन या सोमवार को धारण करें
श्रावण मास, जो कि शिव को समर्पित है, रुद्राक्ष पहनने के लिए सर्वश्रेष्ठ समय माना जाता है। सोमवार का दिन भी अत्यंत शुभ होता है।
3. गंगाजल और दूध से शुद्ध करें
रुद्राक्ष धारण करने से पहले उसे गंगाजल और कच्चे दूध में भिगोकर शुद्ध करें। फिर शिवलिंग पर अर्पण करके माला को पहनें।
4. मंत्र जाप के साथ पहनें
रुद्राक्ष को धारण करने से पहले "ॐ नमः शिवाय" मंत्र या बीज मंत्र का 108 बार जाप करें।
5. सात्विक जीवनशैली अपनाएं
रुद्राक्ष पहनने वाला व्यक्ति शराब, मांसाहार और झूठ बोलने से परहेज करे।
6. माला को किसी और को न पहनाएं
रुद्राक्ष एक व्यक्तिगत वस्तु है। इसे किसी और को न दें या उनसे न लें।
🙏 रुद्राक्ष धारण करने के लाभ (Fayde)
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तनाव और क्रोध को कम करता है
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एकाग्रता और मानसिक शांति प्रदान करता है
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हृदय और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करता है
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आध्यात्मिक उन्नति में सहायक
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साधना और योग में शक्ति प्रदान करता है
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जीवन की कठिनाइयों से रक्षा करता है
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सफलता, धन और प्रतिष्ठा में वृद्धि करता है
रुद्राक्ष धारण करने का शुभ समय (2025 के अनुसार)
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सावन मास (जुलाई–अगस्त) सबसे शुभ
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महाशिवरात्रि पर भी धारण किया जा सकता है
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सोमवार को सुबह स्नान के बाद
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श्रवण नक्षत्र का योग सबसे श्रेष्ठ
रुद्राक्ष पहनने से जुड़े आम सवाल (FAQs)
❓ क्या महिलाएं रुद्राक्ष पहन सकती हैं?
✔️ हां, महिलाएं भी रुद्राक्ष धारण कर सकती हैं। केवल मासिक धर्म के दौरान उतारने की सलाह दी जाती है।
❓ क्या स्नान के समय रुद्राक्ष पहनना चाहिए?
✔️ सामान्य पानी से स्नान करते समय पहन सकते हैं। साबुन या शैम्पू से बचाना चाहिए।
❓ क्या सोते समय रुद्राक्ष पहन सकते हैं?
✔️ हां, यदि आप सतत साधना में हैं तो रुद्राक्ष सोते समय भी पहना जा सकता है।
रुद्राक्ष की पूजा विधि (Puja Vidhi)
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रुद्राक्ष को साफ करें (गंगाजल + दूध)
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लाल कपड़े पर रखें
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दीपक जलाएं
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बेलपत्र, धूप, चंदन अर्पित करें
7. शौचालय (Washroom) जाते समय क्या करें?
👉 रुद्राक्ष को शौचालय या प्रसाधन में पहनकर नहीं जाना चाहिए।
धार्मिक दृष्टिकोण से यह एक अशुद्ध स्थान माना जाता है, और चूंकि रुद्राक्ष को अत्यंत पवित्र माना गया है, इसलिए इसे वहाँ ले जाना अनुचित होता है।
क्या करें:
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रुद्राक्ष माला को साफ जगह पर रखें या किसी पवित्र स्थान पर कपड़े में लपेटकर रखें।
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कार्य के बाद हाथ-पैर धोकर शुद्ध हो जाएं और फिर माला पुनः पहनें।
