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Kumbh Rashi ki sadhe sati kab khatm hogi puri jankari कुंभ राशि की साढ़े साती कब खत्म होगी? जानिए सम्पूर्ण जानकारी जानिए क्या




🔮 प्रस्तावना

भारतीय ज्योतिष शास्त्र में शनि की साढ़े साती को एक अत्यंत प्रभावशाली और परिवर्तनकारी समय माना जाता है। जब शनि किसी राशि पर साढ़े सात वर्ष (साढ़े साती) तक भ्रमण करता है, तो वह जातक के जीवन में कई तरह के बदलाव, कठिनाइयाँ और सीख लेकर आता है। कुंभ राशि वालों के लिए यह समय विशेष रहा है क्योंकि शनि देव ने एक लंबे समय के बाद उनकी राशि पर प्रवेश किया और यह समय जीवन के कई क्षेत्रों को प्रभावित करता है।

इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे:

  • साढ़े साती क्या होती है?

  • कुंभ राशि की साढ़े साती कब शुरू हुई?

  • यह कब समाप्त होगी?

  • इसका प्रभाव जीवन पर कैसे पड़ेगा?

  • इससे निपटने के उपाय क्या हैं?



🌑 साढ़े साती क्या होती है?

साढ़े साती (Shani Sade Sati) वह समय होता है जब शनि देव जन्म राशि से पहले की राशि, जन्म राशि और उसके बाद की राशि में ढाई-ढाई वर्ष तक भ्रमण करते हैं। कुल मिलाकर यह समय 7.5 वर्ष का होता है, इसी कारण इसे "साढ़े साती" कहा जाता है।

जब यह समय आता है, तो व्यक्ति के जीवन में:

  • मानसिक तनाव

  • आर्थिक कठिनाई

  • स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं

  • नौकरी में अस्थिरता

  • पारिवारिक कलह जैसी स्थितियाँ उत्पन्न हो सकती हैं।


🪐 कुंभ राशि पर साढ़े साती कब शुरू हुई?

शनि ने 29 अप्रैल 2022 को मकर राशि को छोड़कर कुंभ राशि में प्रवेश किया था। यह वही समय था जब कुंभ राशि पर साढ़े साती का मध्य चरण प्रारंभ हुआ था।

चरण विवरण:

  1. पहला चरण (धनु राशि): 26 जनवरी 2017 से 24 जनवरी 2020

  2. दूसरा चरण (मकर राशि): 24 जनवरी 2020 से 29 अप्रैल 2022

  3. तीसरा चरण (कुंभ राशि): 29 अप्रैल 2022 से 23 मार्च 2025

👉 इसका मतलब है कि कुंभ राशि पर शनि की साढ़े साती का अंतिम चरण अभी चल रहा है।


⏳ कुंभ राशि की साढ़े साती कब खत्म होगी?

शनि देव 23 मार्च 2025 को कुंभ राशि से निकलकर मीन राशि में प्रवेश करेंगे।
इस दिन से कुंभ राशि की साढ़े साती समाप्त मानी जाएगी।

📅 तिथि: 23 मार्च 2025

👉 यानी अब कुंभ राशि वालों को इस प्रभाव से राहत मिलने में लगभग 9 महीने का समय शेष है।


🌠 साढ़े साती के प्रभाव – कुंभ राशि पर

इस अवधि में कुंभ राशि के जातकों को निम्नलिखित समस्याएं या अनुभव हो सकते हैं:

💼 करियर पर प्रभाव:

  • काम में अस्थिरता

  • प्रमोशन में देरी

  • उच्च अधिकारियों से तनाव

💰 वित्तीय स्थिति:

  • अनचाहे खर्च

  • निवेश में नुकसान

  • कर्ज की स्थिति

❤️ निजी जीवन:

  • पारिवारिक कलह

  • वैवाहिक जीवन में मनमुटाव

  • संबंधों में दरार

🧠 मानसिक स्थिति:

  • तनाव, चिंता

  • आत्मविश्वास में गिरावट

  • अकेलापन


🕉️ साढ़े साती से बचने के उपाय

शनि के दुष्प्रभाव को कम करने के लिए शास्त्रों में कुछ सरल लेकिन प्रभावी उपाय बताए गए हैं:

1. शनि मंत्र का जाप करें

“ॐ शं शनैश्चराय नमः” मंत्र का रोज़ 108 बार जाप करें।

2. शनिवार को व्रत रखें

शनिवार को उपवास करें और पीपल के पेड़ की पूजा करें।

3. काले तिल और सरसों का तेल दान करें

किसी गरीब को शनिवार को दान करें।

4. हनुमान जी की आराधना करें

शनि देव हनुमान जी से प्रसन्न होते हैं। मंगलवार और शनिवार को हनुमान चालीसा पढ़ें।

5. नीलम रत्न धारण करें (ज्योतिष सलाह के बाद)

6. शनि मंदिर में दर्शन करें


📊 कुंभ राशि वालों के लिए शनि की साढ़े साती के दौरान क्या करना चाहिए?

करना चाहिए नहीं करना चाहिए
नियमित पूजा गलत कार्यों से बचें
संयमित भाषा विवादों से बचें
बुजुर्गों की सेवा झूठ ना बोलें
मेहनत और धैर्य जल्दबाज़ी ना करें


🌅 साढ़े साती के बाद क्या होगा?

जैसे ही शनि कुंभ राशि से मीन में प्रवेश करेंगे:

  • जीवन में स्थिरता आएगी

  • मानसिक शांति मिलेगी

  • आर्थिक स्थिति सुधरेगी

  • करियर में उन्नति के अवसर मिलेंगे

यह समय पुनर्निर्माण और आत्मिक विकास का होगा।

  • Topics Covered :


  •  कुंभ राशि की साढ़े साती कब खत्म होगी

  • कुंभ राशि शनि साढ़े साती 2025

  • शनि साढ़े साती के उपाय

  • शनि साढ़े साती कुंभ राशि पर

  • शनि साढ़े साती का अंत

  • कुंभ राशि शनि गोचर 2025

  • कुंभ राशि की साढ़े साती से बचाव

  • कुंभ राशि के लिए शनि के उपाय

  • साढ़े साती की अंतिम चरण

  • कुंभ राशि 2025 भविष्यवाणी


📌 निष्कर्ष

कुंभ राशि की साढ़े साती का अंतिम चरण चल रहा है, जो मार्च 2025 में समाप्त होगा। यह समय आत्ममंथन, संयम और धार्मिक साधना का है। जो लोग इस समय को समझदारी और धैर्य से निकालते हैं, उनके जीवन में आने वाले वर्षों में स्थायित्व, सम्मान और सफलता अवश्य आती है।

याद रखें:

शनि सिखाते हैं, सताते नहीं।
धैर्य और तप से यह समय जीवन को एक नई दिशा दे सकता है।


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